My Book Of Experiences

My book of experiences – 1

Scrolling through my Instagram feed, I once read, "If you write the experience that you have every day throughout the year, at the end you'll have a hefty book of experiences.Today on the 1st of January, 2019 I wish to start my book. Here's what I learnt.Day 1 - The time you spend on yourself… Continue reading My book of experiences – 1

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Poetry, Uncategorized

क्यूंकि हम घर नहीं, मकान में रहते है!

पुराने खपड़े के घर में लंबे चौड़े आंगन हुआ करते है मटर के दानों के बीच घर की औरतों में नाजाने कितने किस्से पक्ते थे।   Watch me perform on this poetry . https://youtu.be/cXPj7DOuqO8

Poetry

नमन आपको श्री अटल बिहारी।

राजनीति के प्रांगण में एक माली था उस आंगन में लालकृष्ण जी जिनके मित थे भावपूर्ण उनके गीत थे! सुंदर सुंदर फूलों से ना जाने सजाई थी उन्होंने कितनी क्यारी, (२) अन्तिम क्षण में, सब फूलों को रुला गए वो अटल बिहारी। मै उनकी बात करती हूं, वो देश की बात करते थे देश के… Continue reading नमन आपको श्री अटल बिहारी।